Samachar Post रिपोर्टर,रांची :रांची के डोरंडा में हुए चर्चित मर्सिडीज एक्सीडेंट मामले ने कानूनी रूप ले लिया है। सिविल कोर्ट में बुधवार को हुई सुनवाई में अधिवक्ता मनोज टंडन को फिलहाल राहत नहीं मिली। उनकी मर्सिडीज कार पुलिस कस्टडी में ही रहेगी। कोर्ट ने अगली सुनवाई की तारीख निर्धारित कर दी है। सुनवाई के दौरान सिटी एसपी पारस राणा, ट्रैफिक एसपी राकेश सिंह, रूरल एसपी प्रवीण पुष्कर और डोरंडा थाना प्रभारी दीपिका प्रसाद समेत कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी कोर्ट में मौजूद रहे।
17 फरवरी को क्या हुआ था?
घटना 17 फरवरी 2026 की सुबह करीब 10 बजे की बताई जा रही है। अधिवक्ता मनोज टंडन के अनुसार वे मर्सिडीज कार से हाईकोर्ट जा रहे थे, तभी अचानक सामने आई मोटरसाइकिल से हल्की टक्कर हो गई। टक्कर के बाद दोनों पक्षों में कहासुनी हुई। टंडन का दावा है कि पुलिस मौके पर पहुंची और उन्हें डोरंडा थाना ले जाया गया, जहां सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक रखा गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनकी कार जब्त तो की गई, लेकिन अब तक विधिवत जब्ती सूची तैयार नहीं की गई।
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दो केस नंबर, जांच पर उठे सवाल
डोरंडा थाना में इस मामले को लेकर केस नंबर 51/2026 और 52/2026 दर्ज किए गए हैं। याचिका में कहा गया है कि दोनों मामलों की जांच अलग-अलग अधिकारियों को सौंपी गई है। याचिकाकर्ता की ओर से जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी को सौंपने की मांग की गई है। मामला पहले ही झारखंड हाईकोर्ट पहुंच चुका है। न्यायमूर्ति संजय कुमार द्विवेदी की पीठ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मनोज टंडन के खिलाफ चल रही जांच पर फिलहाल रोक लगाने का आदेश दिया था। कोर्ट ने राज्य सरकार, केंद्र सरकार और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को नोटिस जारी किया है। साथ ही कुछ अन्य एंगल की भी जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।फिलहाल मर्सिडीज कार पुलिस कस्टडी में है और अगली सुनवाई में मामले की दिशा तय होगी।
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