- कृषि मंत्री ने विपक्ष के हंगामे को लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ बताया
Samachar Post डेस्क, रांची : संसद में विपक्ष के हंगामे के बीच केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सरकार की ओर से ‘विकसित भारत जी-राम-जी विधेयक’ पर जवाब दिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष सरकार का पक्ष सुनना ही नहीं चाहता और लगातार कार्यवाही में बाधा डाल रहा है। कृषि मंत्री ने कहा कि उन्होंने देर रात तक विपक्षी सांसदों की बातें सुनीं, लेकिन जब सरकार को जवाब देना था तो हंगामा शुरू हो गया। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ बताते हुए कहा कि जवाब न सुनना भी एक तरह की हिंसा है।
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विधेयक किसानों और गरीबों के हित में: शिवराज
शिवराज सिंह चौहान ने सरकार के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के समय फंड का दुरुपयोग हुआ, जबकि वर्तमान सरकार ने विकास कार्यों और जनकल्याण पर प्राथमिकता दी। उनका दावा है कि यह विधेयक किसानों और गरीबों के हित में लाया गया है। कृषि मंत्री ने कहा कि भाजपा गांधी जी के सामाजिक और आर्थिक विचारों का सम्मान करती है और यह विधेयक गांवों के विकास के लिए है। विपक्ष द्वारा लगाए गए भेदभाव के आरोपों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार देश के सभी हिस्सों के साथ समान व्यवहार करती है। प्रियंका गांधी की टिप्पणी का जवाब देते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस पर निशाना साधा और कहा कि पूर्व सरकारों ने कई योजनाओं, संस्थानों और पुरस्कारों का नामकरण केवल नेहरू परिवार के नाम पर किया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार पर किसी तरह की व्यक्तिगत सनक सवार नहीं है।
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