Samachar Post रिपोर्टर, रांची: रांची यूनिवर्सिटी के मोरहाबादी कैंपस में स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडी का नाम बदलकर डिपार्टमेंट ऑफ लीगल स्टडी करने की योजना है। यह बदलाव उच्च शिक्षा के मानकों और बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के दिशा-निर्देशों के अनुसार जरूरी माना गया है। प्रस्ताव को जल्द ही अकादमिक काउंसिल में रखा जाएगा। मंजूरी मिलने के बाद इसे बीसीआई को भेजा जाएगा ताकि अगले शैक्षणिक सत्र में मान्यता में कोई बाधा न आए। वर्तमान में यहाँ 5 वर्षीय एलएलबी और एलएलएम प्रोग्राम चल रहे हैं।
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छात्र प्रशिक्षण और सुविधाओं में सुधार
यूनिवर्सिटी ने छात्रों की प्रैक्टिकल ट्रेनिंग बेहतर बनाने के लिए कदम तेज कर दिए हैं। निरीक्षण में निर्देश दिए गए, लाइब्रेरी का अपग्रेडेशन, क्लासरूम और बेसिक सुविधाओं में सुधार, शिक्षण संसाधनों की उपलब्धता इसके अलावा मूट कोर्ट स्थापित किया जा रहा है। इससे छात्र वास्तविक अदालत जैसी परिस्थिति में बहस, केस तैयारी और अदालत जैसी प्रस्तुति का अभ्यास कर पाएंगे। यह सुविधा छात्रों के आत्मविश्वास और वकालत/न्यायिक प्रतियोगिताओं में मदद करेगी और बीसीआई एफिलिएशन मानकों को पूरा करने में सहायक होगी।
91 लाख रुपये की लापरवाही का मामला सामने आया
इसी दौरान विश्वविद्यालय में 91 लाख रुपये के चेक के साथ बड़ी लापरवाही उजागर हुई। अगस्त में इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडी और अन्य कोर्स के लिए चेक जारी किया गया था, लेकिन एक अधिकारी के हस्ताक्षर न होने के कारण भुगतान नहीं हो पाया। चार महीने तक इस मामले की जानकारी किसी को नहीं हुई। 4 दिसंबर को चेक लौटने के बाद मामला सामने आया। इस लापरवाही के कारण इंस्टीट्यूट को शैक्षणिक गतिविधियों में बाधा उठानी पड़ी।
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मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।