Samachar Post रिपोर्टर,रांची :राजधानी रांची स्थित सदर अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है। बीते चार वर्षों में यहां करीब एक दर्जन नए सुपर-स्पेशलिटी विभाग शुरू किए गए हैं, जो सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं। अब सदर अस्पताल झारखंड का पहला सरकारी अस्पताल बनने जा रहा है, जहां गैस्ट्रो सर्जरी विभाग की शुरुआत की जाएगी।
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नए साल से शुरू होगी गैस्ट्रो सर्जरी सेवा
आयुष्मान भारत योजना के तहत निजी विशेषज्ञ डॉक्टर सदर अस्पताल में सेवाएं देंगे। चयन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और नए साल से गैस्ट्रो सर्जन डॉ. मयंक मरीजों का इलाज शुरू करेंगे। इसके बाद महंगी जीआई और गैस्ट्रो सर्जरी अब सरकारी अस्पताल में ही उपलब्ध हो सकेगी, जिससे मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। बढ़ती स्वास्थ्य सुविधाओं के कारण अस्पताल में जगह की कमी एक बड़ी चुनौती बन गई थी। इसे देखते हुए पहले 500 बेड वाले अस्पताल में पुनर्विन्यास कर 350 अतिरिक्त बेड जोड़े गए हैं। अब सदर अस्पताल में कुल 850 बेड पर मरीजों का इलाज हो रहा है, जिससे ओपीडी और भर्ती मरीजों को काफी राहत मिली है।
नेफ्रोलॉजी विभाग का विस्तार, ओपीडी सप्ताह में 6 दिन
किडनी मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि को देखते हुए नेफ्रोलॉजी विभाग का भी विस्तार किया जा रहा है। एक और नेफ्रोलॉजिस्ट की नियुक्ति हो चुकी है। नए साल से नेफ्रोलॉजी ओपीडी सप्ताह में छह दिन चलेगी, जिससे डायलिसिस कराने वाले मरीजों को बड़ा फायदा होगा। सदर अस्पताल में जल्द ही एक न्यूरोलॉजिस्ट और एक एमडी फिजिशियन भी अपनी सेवाएं शुरू करेंगे। इससे मरीजों को रिम्स या निजी अस्पतालों में रेफर होने की जरूरत कम होगी।
कैंसर विभाग सबसे बड़ा, इमरजेंसी विस्तार की योजना
सदर अस्पताल का कैंसर विभाग फिलहाल 80 से 85 बेड के साथ संचालित हो रहा है और यह अस्पताल का सबसे बड़ा विभाग बन चुका है। यहां राज्य के विभिन्न जिलों से मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। वर्तमान में अस्पताल की इमरजेंसी में केवल 16 बेड उपलब्ध हैं। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए इमरजेंसी वार्ड के विस्तार पर विचार किया जा रहा है और जल्द ही बेड की संख्या बढ़ाने की योजना है।
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