Samachar Post डेस्क, रांची :संसद का शीतकालीन सत्र शुक्रवार को उस वक्त चर्चा में आ गया, जब राज्यसभा की कार्यवाही कैबिनेट मंत्रियों की अनुपस्थिति के कारण 10 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी। 13 दिसंबर 2001 के संसद हमले में शहीदों को श्रद्धांजलि देने के बाद सदन की कार्यवाही शुरू हुई, लेकिन सभी कैबिनेट मंत्री गैरहाजिर थे। इसे लेकर विपक्ष ने कड़ा विरोध जताया और सभापति का ध्यान इस ओर आकृष्ट किया। सभापति सीपी राधाकृष्णन ने नाराजगी पर कहा कि वे इस मुद्दे को सरकार के सामने उठाएंगे और एक जूनियर मंत्री को निर्देश दिया कि वे तुरंत कैबिनेट मंत्रियों को बुलाएं। कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने इसे सदन का अपमान बताया और कहा कि जब तक कोई कैबिनेट मंत्री सदन में मौजूद नहीं होता, कार्यवाही आगे नहीं बढ़नी चाहिए। कुछ मिनट इंतजार के बाद सभापति ने सदन को 10 मिनट के लिए स्थगित कर दिया।
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सरकार की सफाई: शिवराज पाटिल को दी जा रही थी श्रद्धांजलि
कैबिनेट मंत्रियों के पहुंचने के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सदन से खेद व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि सभी कैबिनेट मंत्रियों को लोकसभा में पूर्व स्पीकर और पूर्व गृह मंत्री शिवराज पाटिल को श्रद्धांजलि देने जाना पड़ा था। रिजिजू ने यह भी बताया कि नेता सदन जेपी नड्डा के नाम से लोकसभा में प्रश्न भी लगे थे, जिसके कारण उनका वहां मौजूद रहना आवश्यक था।
राज्यसभा में भी दी जाएगी श्रद्धांजलि
कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि शिवराज पाटिल राज्यसभा के भी सदस्य रह चुके हैं, इसलिए यहां भी श्रद्धांजलि दी जानी चाहिए। इस पर रिजिजू ने आश्वस्त किया कि औपचारिक प्रक्रिया पूरी होते ही राज्यसभा में भी पाटिल को उचित श्रद्धांजलि दी जाएगी।
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