Samachar Post डेस्क, रांची :प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को VB-G RAM G एक्ट 2025 का सार्वजनिक रूप से समर्थन किया। उन्होंने कहा कि यह नया कानून ग्रामीण रोजगार की सोच में एक नया नजरिया लेकर आता है, जिसमें आय सहायता, संपत्ति निर्माण और खेती की स्थिरता को एक साथ जोड़ा गया है।
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सरकार का दावा: पुराने MANREGA की जगह नया सुधार कानून
प्रधानमंत्री कार्यालय ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का एक लेख साझा किया, जिसमें बताया गया कि VB-G RAM G एक्ट को पुराने मनरेगा (MGNREGA) की जगह लाया गया है। सरकार का कहना है कि नए कानून को लाने से पहले राज्यों के साथ सलाह, तकनीकी बैठकों और विभिन्न पक्षों की विस्तृत बहस की गई। शिवराज सिंह चौहान ने आरोप लगाया कि UPA सरकार के दौरान मनरेगा से अपेक्षित परिणाम नहीं मिले और इसमें भ्रष्टाचार फैला हुआ था, इसलिए नया कानून पुरानी कमियों को दूर करने की कोशिश करता है।
विपक्षी दलों का विरोध
हालांकि, नए रोजगार कानून को लेकर राजनीतिक विरोध भी तेज हो गया है। डीएमके के नेतृत्व वाले गठबंधन ने चेन्नई में इस कानून का विरोध प्रदर्शन किया। विपक्ष का आरोप है कि यह कानून रोजगार गारंटी की भावना को कमजोर करेगा और राज्यों के अधिकारों को प्रभावित करेगा।
VB-G RAM G एक्ट: मुख्य बिंदु
- रोजगार गारंटी: ग्रामीण परिवारों को अब एक वित्तीय वर्ष में 100 दिनों की जगह 125 दिनों का गारंटीकृत रोजगार मिलेगा। यह रोजगार बिना कौशल वाले श्रमिकों के लिए उपलब्ध होगा।
- फंडिंग का प्रावधान: सरकार ने फंडिंग नियमों में भी बदलाव किया है सामान्य राज्यों: खर्च केंद्र : राज्य = 60:40 पूर्वोत्तर, पहाड़ी एवं कुछ केंद्रशासित क्षेत्रों: केंद्र 90% खर्च वहन करेगा।
- कृषि व्यस्त मौसम में रोजगार नियंत्रण: राज्यों को अनुमति दी गई है कि वे बुआई और कटाई जैसे व्यस्त मौसमों में साल में 60 दिन तक रोजगार को नियंत्रित कर सकें।
सरकार का दावा- सामाजिक सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम
सरकार का यह भी कहना है कि VB-G RAM G एक्ट ग्रामीण परिवारों के लिए सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक बड़ा कदम है। नई व्यवस्थाओं के माध्यम से गरीब, वंचित और बेरोज़गार ग्रामीणों को अधिक अवसर और समर्थन मिलेगा, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में स्थिरता आएगी।
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