Samachar Post डेस्क, रांची : झारखंड में धान खरीद की रफ्तार बेहद धीमी बनी हुई है। बीते पांच दिनों में राज्य में कुल 2 लाख 26 हजार 641 क्विंटल धान की खरीद हुई है, जबकि कुल लक्ष्य 60 लाख क्विंटल तय किया गया है। इस हिसाब से अब तक महज करीब 2.5 प्रतिशत लक्ष्य ही पूरा हो सका है।
हजारीबाग सबसे आगे, धनबाद सबसे पीछे
धान खरीद में हजारीबाग जिला पहले स्थान पर है, जहां 834 किसानों से 36,812 क्विंटल धान खरीदा गया। दूसरे नंबर पर गिरिडीह रहा, जहां 19,071 क्विंटल, जबकि तीसरे स्थान पर कोडरमा रहा, जहां 18,936 क्विंटल धान की खरीद हुई। वहीं, धनबाद जिले में सबसे कम केवल 327 क्विंटल धान की खरीद दर्ज की गई।
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भुगतान प्रक्रिया बनी बड़ी बाधा
धान खरीद के मुकाबले किसानों को भुगतान की रफ्तार और भी धीमी है। अब तक खरीदे गए 2,26,641.62 क्विंटल धान के बदले किसानों को 55 करोड़ 48 लाख 53 हजार 4 रुपये का भुगतान होना है, लेकिन अभी तक केवल 6 करोड़ 18 लाख 55 हजार 229 रुपये ही दिए जा सके हैं। गिरिडीह जिले में 23 लाख 69 हजार 900 रुपये का भुगतान हुआ है, जबकि कई जिलों में किसानों को अभी तक एक रुपया भी नहीं मिला है।
भुगतान में देरी से किसान हतोत्साहित
भुगतान में देरी के कारण किसान धान बेचने से पीछे हट रहे हैं। राज्य में पंजीकृत 2,53,947 किसानों में से अब तक सिर्फ 3,996 किसानों ने ही धान क्रय केंद्रों पर उपज दी है। किसानों का कहना है कि समय पर भुगतान मिलने पर ही वे आगे धान बेचने को तैयार होंगे।
लक्ष्य और वास्तविकता में बड़ा अंतर
पूर्वी सिंहभूम को 6 लाख क्विंटल धान खरीद का लक्ष्य मिला है, लेकिन यहां अब तक केवल 1,471 क्विंटल की ही खरीद हो सकी है। कोडरमा को 1 लाख क्विंटल का लक्ष्य मिला था, लेकिन उसने 18,936 क्विंटल की खरीद कर अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया है। हजारीबाग, रांची और गिरिडीह को 3.5 लाख क्विंटल, जबकि देवघर, दुमका, गुमला, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां को 3 लाख क्विंटल का लक्ष्य दिया गया है।
अधिकारियों का आश्वासन
जिला आपूर्ति पदाधिकारी गुलाम समदानी ने बताया कि जिन किसानों ने धान दिया है, उनका भुगतान एक-दो दिनों में कर दिया जाएगा। शेष किसानों के भुगतान का विवरण सरकार को भेज दिया गया है और जल्द ही सभी किसानों को राशि मिलनी शुरू हो जाएगी।
Reporter | Samachar Post
मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।