Samachar Post रिपोर्टर, रांची :जापान के उत्तरी हिस्से में शुक्रवार सुबह 6.7 मैग्नीट्यूड का शक्तिशाली भूकंप दर्ज किया गया। भूकंप का केंद्र होंशू के इवाते प्रांत के कुजी शहर से लगभग 130 किमी दूर स्थित था। कुछ दिन पहले इसी इलाके में आया 7.5 तीव्रता का भूकंप 50 से अधिक लोगों को घायल कर गया था, जिससे क्षेत्र पहले से ही दहशत में है।
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सुनामी अलर्ट जारी, लहरें 70 सेंटीमीटर तक पहुंचीं
जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) ने उत्तरी प्रशांत तट पर 1 मीटर (3 फीट) तक की सुनामी लहरों की चेतावनी जारी की है। अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) ने भी भूकंप की तीव्रता 6.7 बताई है। NHK के अनुसार कई घरों में अलमारियों से सामान गिरा, सड़कों में दरारें पड़ीं, कई इमारतों के शीशे टूटे, 70 सेंटीमीटर ऊंची सुनामी लहरें दर्ज की गईं। हालांकि, न्यूक्लियर रेगुलेशन अथॉरिटी ने साफ किया है कि किसी भी परमाणु संयंत्र में कोई खतरा या गड़बड़ी नहीं मिली है।
आने वाले दिनों में बड़े भूकंप की आशंका
JMA पहले ही चेतावनी दे चुका है कि आने वाले हफ्तों में इसी स्तर या इससे अधिक तीव्रता के भूकंप की संभावना बनी हुई है। यह इलाका 2011 के विनाशकारी 9.0 मैग्नीट्यूड भूकंप और सुनामी की त्रासदी आज भी नहीं भूला है, जिसमें करीब 18,500 लोग मारे गए थे या लापता हुए थे।
जापान: दुनिया के सबसे सक्रिय भूकंप क्षेत्रों में से एक
विशेषज्ञों के मुताबिक जापान पैसिफिक “रिंग ऑफ फायर” पर स्थित है, जहां हर साल करीब 1,500 भूकंप महसूस होते हैं। ज्यादातर हल्के होते हैं, लेकिन कभी-कभी बड़े झटके भारी तबाही मचा देते हैं। सरकार ने लोगों से सतर्क रहने, सुरक्षित स्थानों पर जाने और आधिकारिक अपडेट पर नजर रखने की अपील की है।
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