Samachar Post रिपोर्टर,देवघर :देवघर श्रावणी मेले के प्रसाद के तौर पर बेचे जा रहे पेड़ों में इस बार गंभीर मिलावट का मामला सामने आया है। रांची स्थित राज्य खाद्य जांच प्रयोगशाला ने पुष्टि की है कि जब्त किए गए कई सैंपलों में 15% तक मिट्टी पाई गई है। यह पहला मौका है जब मेले से लिए गए पेड़ा सैंपलों में मिट्टी की सीधी मिलावट का खुलासा हुआ है।
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69 सैंपल की जांच में बड़ा खुलासा
जुलाई में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने सावन मेले में अभियान चलाकर एक दर्जन से अधिक दुकानों पर छापेमारी की थी। कुल जब्त किए गए सैंपल 69 थे। राज्य खाद्य जांच प्रयोगशाला, रांची लैब में इसकी जांच हुई । रिपोर्ट में मिट्टी की मिलावट की पुष्टि की गई है। राज्य खाद्य विश्लेषक चतुर्भुज मीणा के अनुसार, इससे पहले ज्यादातर मामलों में सिंथेटिक खोवा की मिलावट सामने आती थी, लेकिन इस बार जांच में मिट्टी की मौजूदगी न सिर्फ चौंकाने वाली है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक भी है।
5 महीने की जांच में हुई बड़ी गड़बड़ी उजागर
जब्त सैंपल जुलाई में लिए गए थे, लेकिन अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में लैब पहुंचे और नवंबर में जांच पूरी हुई। जांच के दौरान यह बात साफ हुई कि मिलावट सुनियोजित तरीके से की गई थी। अधिकारियों का मानना है कि सावन मेले से पहले हर साल मिलावटी खोवा तैयार करने का एक पूरा नेटवर्क सक्रिय हो जाता है।
कैसे तैयार होता है मिलावटी खोवा?
खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार, बिहार और यूपी के बड़े कारोबारी भारी मात्रा में पाउडर दूध और लोथ मंगवाते हैं। लोथ और पाउडर दूध को मशीन में मिलाकर खोवा तैयार किया जाता है। एक किलो पाउडर दूध से 2–2.5 किलो तक खोवा बनाया जाता है। मेले के करीब आते ही इसी मिलावटी खोवे से पेड़ा बनाकर बेचा जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि मिट्टी और लो ग्रेड सामग्री की मिलावट से पेट की गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
मुनाफे के लिए खिलवाड़: 100–150 रुपये प्रति किलो तक की बचत
खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत पेड़ा देशी खोवा और चीनी से बनना चाहिए। लेकिन मिलावट से दुकानदार प्रति किलो 100–150 रुपये तक बचा लेते हैं। इसी लालच के कारण हर साल मेले में मिलावटी खोवा और पेड़ा बेचने की शिकायतें सामने आती हैं, लेकिन इस बार प्रक्रिया में मिट्टी की मौजूदगी ने विभाग की चिंता बढ़ा दी है। लैब रिपोर्ट विभाग को सौंप दी गई है। खाद्य सुरक्षा विभाग जल्द ही जिम्मेदार दुकानदारों और सप्लायरों के खिलाफ कार्रवाई शुरू करेगा।
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