Samachar Post डेस्क, रांची : विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के चलते सोमवार को भारतीय शेयर बाजार दबाव में रहा। बीएसई सेंसेक्स 316.52 अंक (0.37%) टूटकर 85,395.85 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 106.70 अंक (0.41%) गिरकर 26,079.75 पर आ गया।
भारी कंपनियों के शेयरों में गिरावट
सेंसेक्स की बड़ी कंपनियों बजाज फाइनेंस, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, एक्सिस बैंक, बजाज फिनसर्व, मारुति सुजुकी, एशियन पेंट्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा, एनटीपीसी, आईसीआईसीआई बैंक, पावरग्रिड, हिंदुस्तान यूनिलीवर और एलएंडटी के शेयरों पर बिकवाली का दबाव दिखा। इन दिग्गज स्टॉक्स की कमजोरी से बाजार का मूड और बिगड़ा। टेक महिंद्रा, इन्फोसिस, रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स, टीसीएस, ट्रेंट, एचसीएल टेक्नोलॉजीज़ और टाटा स्टील के शेयर बढ़त के साथ बंद हुए। इन सेक्टर्स की मजबूती ने बाजार की गिरावट को कुछ हद तक थामे रखा।
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वैश्विक संकेत मिले मिश्रित
एशियाई बाजारों में जापान का निक्केई 225, चीन का SSE कम्पोजिट और दक्षिण कोरिया का KOSPI हरे निशान में बंद हुए, जबकि हांगकांग का हैंग सेंग लाल निशान में रहा। अमेरिकी बाजार शुक्रवार को मजबूती के साथ बंद हुए थे। ब्रेंट क्रूड में 0.13% की बढ़ोतरी दर्ज हुई और कीमत 63.83 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई।
एफआईआई–डीआईआई की गतिविधि
बाजार आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने शुक्रवार को 438.90 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 4,189.17 करोड़ रुपये की बड़ी खरीदारी की, जिससे बाजार में थोड़ी स्थिरता आई।
रुपया कमजोर, डॉलर मजबूत
विदेशी पूंजी की निकासी और डॉलर की बढ़ती मांग से रुपया कमजोर हुआ। सोमवार को यह 16 पैसे टूटकर 90.11 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। डॉलर इंडेक्स भी 0.11% गिरकर 98.88 पर रहा।
विशेषज्ञों की राय
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि एफआईआई की लगातार बिकवाली और तेल की कीमतों में बढ़ोतरी ने बाजार पर दबाव बढ़ाया है। निवेशकों को फिलहाल सतर्क रहकर रणनीतिक और चरणबद्ध निवेश करने की सलाह दी जा रही है।
Reporter | Samachar Post
मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।