Samachar Post रिपोर्टर, रांची :झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ ईडी समन अवहेलना मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। मुख्यमंत्री की ओर से दाखिल याचिका में एमपी/एमएलए कोर्ट द्वारा जारी संज्ञान आदेश को चुनौती दी गई है। इस दौरान हेमंत सोरेन की ओर से अधिवक्ता ने कुछ दस्तावेज दाखिल करने के लिए समय की मांग की। हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति अनिल कुमार चौधरी की कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 15 जनवरी 2026 निर्धारित की है।
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मामला क्या है?
हेमंत सोरेन ने याचिका में एमपी/एमएलए कोर्ट द्वारा लिए गए संज्ञान को गलत बताते हुए इसे निरस्त करने का आग्रह किया है।इसके पीछे कारण यह है कि ईडी ने समन के आदेश का अनुपालन न करने को लेकर अदालत में शिकायत दर्ज कराई थी। यह शिकायत पहले सीजेएम कोर्ट में संख्या 3952/2024 के तहत दर्ज हुई थी, जिसे बाद में एमपी/एमएलए कोर्ट में स्थानांतरित किया गया।
ईडी की शिकायत
शिकायत में ईडी के वरिष्ठ अधिकारी देवराज झा ने बताया कि हेमंत सोरेन को जमीन घोटाला मामले में कुल 10 समन जारी किए गए थे। इनमें से केवल दो समन पर ही मुख्यमंत्री ईडी के समक्ष उपस्थित हुए। बाकी समनों में उपस्थित न होने को ईडी ने समन अवहेलना माना। हेमंत सोरेन ने 20 जनवरी और 31 जनवरी को क्रमशः आठवां और दसवां समन पर ईडी के समक्ष उपस्थित होकर अपने कर्तव्यों का पालन किया। हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई के लिए अगली तारीख 15 जनवरी 2026 तय की है। इस सुनवाई में हेमंत सोरेन की ओर से दस्तावेज और प्रमाण पेश किए जाएंगे।
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