Samachar Post डेस्क, रांची :भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने शनिवार को कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक बुलाई है। बैठक से पहले पार्टी ने एक आंतरिक दस्तावेज तैयार किया, जिसमें केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा (MGNREGA) में किए गए बदलावों पर सवाल उठाए गए हैं। केंद्र ने मनरेगा का नाम बदलकर ‘विकसित भारत जी राम जी एक्ट, 2025’ कर दिया है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल इस फैसले से नाराज हैं। वर्किंग कमेटी की बैठक में पार्टी कानून वापस लेने की मांग को लेकर देशभर में आंदोलन की रणनीति तैयार करेगी। दस्तावेज राज्य इकाइयों को भेजा जाएगा, ताकि वे सरकार के फैसले के खिलाफ प्रदर्शन कर सकें।
यह भी पढ़ें :सात निश्चय-3 के तहत बिहार सरकार ने नागरिकों से मांगे सुझाव, 4 जनवरी तक भेज सकेंगे प्रस्ताव
सरकार के दावों पर कांग्रेस का सवाल
कांग्रेस का कहना है कि केंद्र सरकार का दावा कि नई योजना ग्रामीण रोजगार की कमियों को दूर करेगी, हकीकत में राज्यों पर आर्थिक बोझ बढ़ाएगा। पार्टी नेता जगदीश ठाकोर ने कहा कानून जल्दबाजी में पास किया गया, राज्यों से सलाह नहीं ली गई, संसद में पर्याप्त चर्चा नहीं हुई। कांग्रेस ने यह भी उठाया कि रोजगार के 125 दिन का दावा किया जा रहा है, जबकि पहले औसतन परिवारों को 45–60 दिन ही काम मिलता था। बिना पर्याप्त बजट के यह दावा असफल साबित होगा।
राज्यों और मजदूरों पर असर
नई योजना में बजट आवंटन मांग के अनुरूप नहीं है। मजदूरी भुगतान में देरी और काम रुकने जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। इसका सबसे बड़ा असर महिला मजदूरों और कमजोर परिवारों पर पड़ेगा। देशभर में विरोध और आंदोलन की तैयारी है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर ग्रामीण वोटरों से जुड़ने की कोशिश कर रही है। पार्टी नेताओं का कहना है कि मनरेगा गरीबों के लिए सुरक्षा कवच है और इसे कमजोर नहीं होने दिया जाएगा।
Reporter | Samachar Post