- जिला परिषद स्तर पर बनेंगे आश्रय गृह, एक सप्ताह में जमीन चिन्हित करने का निर्देश
Samachar Post डेस्क, बिहार: बिहार में स्ट्रीट डॉग्स की बढ़ती संख्या और डॉग बाइट की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पंचायती राज विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य के सभी जिलों में जिला परिषद स्तर पर कुत्ता आश्रय गृह (डॉग शेल्टर होम) स्थापित किए जाएंगे। पंचायती राज विभाग के सचिव मनोज कुमार के निर्देश पर सभी उप विकास आयुक्तों को एक सप्ताह के भीतर जमीन चिन्हित कर रिपोर्ट भेजने को कहा गया है।
15वें वित्त आयोग की राशि से होगा निर्माण
कुत्ता आश्रय गृह का निर्माण जिला पशुपालन पदाधिकारी द्वारा तैयार किए गए डिजाइन और लागत अनुमान के अनुसार किया जाएगा। इसके निर्माण और संचालन पर होने वाला खर्च 15वें राज्य वित्त आयोग की सामान्य निधि से वहन किया जाएगा।
यह भी पढ़ें: आदित्यपुर में भीषण सड़क हादसा, अनियंत्रित ट्रेलर ने 3 लोगों को कुचला
स्ट्रीट डॉग्स को मिलेगा टीकाकरण और देखभाल
ग्रामीण इलाकों से पकड़े गए स्ट्रीट डॉग्स को इन आश्रय गृहों में रखा जाएगा। यहां उन्हें रैबिज का टीका, डिवार्मिंग और आवश्यक चिकित्सा सुविधा दी जाएगी। इसके लिए आवश्यक नियम और प्रक्रिया पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग द्वारा तय की जाएगी।
हर जिले में अलग हेल्पलाइन नंबर
आम लोगों को राहत देने के लिए प्रत्येक जिला परिषद अपनी अलग हेल्पलाइन नंबर जारी करेगी। इस नंबर का व्यापक प्रचार किया जाएगा ताकि लोग आसानी से डॉग बाइट या स्ट्रीट डॉग से जुड़ी शिकायत दर्ज करा सकें। फिलहाल राज्य स्तर पर कोई एकीकृत हेल्पलाइन व्यवस्था नहीं है।
पंचायत स्तर तक तय की गई जिम्मेदारी
शिकायत दर्ज कराने के लिए लोग पंचायत सचिव या जिला पशुपालन कार्यालय से भी संपर्क कर सकेंगे। इस योजना के क्रियान्वयन के लिए जिला स्तर पर जिला पंचायत राज पदाधिकारी, प्रखंड स्तर पर प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी, ग्राम पंचायत स्तर पर पंचायत सचिव को जिम्मेदारी सौंपी गई है। योजना की समग्र निगरानी मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी करेंगे।
डॉग बाइट मामलों में कमी की उम्मीद
सरकार का कहना है कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य स्ट्रीट डॉग्स की संख्या पर नियंत्रण, नसबंदी और टीकाकरण को बढ़ावा देना है। इससे डॉग बाइट की घटनाओं में कमी आएगी और ग्रामीण व शहरी दोनों क्षेत्रों में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
Reporter | Samachar Post
मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।