Samachar Post डेस्क, पटना: बिहार सरकार ने दिव्यांग युवाओं को सिविल सेवाओं में अवसर देने और आर्थिक मदद पहुंचाने के लिए नई योजना शुरू की है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में कैबिनेट ने मुख्यमंत्री दिव्यांगजन सशक्तिकरण छात्र योजना-सम्बल के तहत दिव्यांगजन सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना को मंजूरी दी।
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योजना के प्रमुख बिंदु
BPSC प्रीलिम्स पास करने वाले दिव्यांग अभ्यर्थियों को 50,000 रुपये, जबकि UPSC प्रीलिम्स पास करने पर 1,00,000 रुपये आर्थिक सहायता दी जाएगी। यह राशि मेन्स और इंटरव्यू की तैयारी में खर्च की जा सकेगी और केवल एक बार दी जाएगी, चाहे अभ्यर्थी दोनों परीक्षाएं पास करें। योजना के पात्र होने के लिए अभ्यर्थी को बिहार का स्थायी निवासी होना चाहिए, कम से कम 40 प्रतिशत दिव्यांगता प्रमाणित होनी चाहिए, और वह किसी सरकारी नौकरी में कार्यरत नहीं होना चाहिए। पिछड़ा वर्ग, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) और सामान्य वर्ग के दिव्यांग पुरुष इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन ऑनलाइन किया जाएगा, जिसमें फोटो, सिग्नेचर, आधार कार्ड, जाति/कोटि प्रमाण-पत्र, दिव्यांगता प्रमाण-पत्र, UDID कार्ड और परीक्षा एडमिट कार्ड जमा करना होगा।
लाभ और उद्देश्य
समाज कल्याण विभाग का कहना है कि यह योजना दिव्यांग युवाओं को सशक्त बनाएगी और उन्हें सिविल सेवाओं में बेहतर भागीदारी का अवसर देगी। यह कदम बिहार को अधिक समावेशी राज्य बनाने और सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
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