Samachar Post डेस्क, रांची :अफगानिस्तान में शनिवार को 4.4 तीव्रता का भूकंप आया। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के मुताबिक, इसका केंद्र राजधानी काबुल के नजदीक दर्ज किया गया। झटका जमीन से 180 किमी की गहराई में आया, जिसकी वजह से यह सतह पर हल्का महसूस हुआ और अब तक किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है।
कहां था भूकंप का केंद्र?
NCS के अनुसार, भूकंप का केंद्र 30.70° उत्तरी अक्षांश और 65.66° पूर्वी देशांतर पर स्थित था। गहराई अधिक होने के कारण भूकंपीय झटके कमजोर रहे और जान-माल की क्षति की सूचना नहीं मिली।
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एक दिन पहले भी आया था 4.4 का झटका
शुक्रवार को भी अफगानिस्तान में 4.4 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था, लेकिन वह सिर्फ 10 किमी की उथली गहराई में था। विशेषज्ञों का कहना है कि उथले भूकंप ज्यादा खतरनाक होते हैं क्योंकि उनकी तरंगें सीधे सतह से टकराती हैं और नुकसान की तीव्रता बढ़ जाती है।
हाल ही में 6.3 तीव्रता के भूकंप से मची थी तबाही
इससे पहले 4 नवंबर को आए 6.3 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप में 27 लोगों की मौत और 956 लोग घायल हुए थे। इस दौरान मजार-ए-शरीफ की ऐतिहासिक मस्जिद को भी भारी नुकसान पहुंचा था।
क्यों बार-बार आते हैं भूकंप?
अफगानिस्तान हिंदू कुश पर्वत श्रृंखला पर स्थित है, जो भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटों के टकराव का क्षेत्र है। इसी कारण यह देश दुनिया के सबसे भूकंप-संवेदनशील देशों में गिना जाता है। संयुक्त राष्ट्र और रेड क्रॉस के अनुसार, यहां भूकंप के साथ-साथ बाढ़, भूस्खलन और अन्य प्राकृतिक आपदाएं भी अक्सर आती रहती हैं, जिससे कमजोर समुदाय सबसे अधिक प्रभावित होते हैं।
सतर्कता जारी, आफ्टरशॉक्स की संभावना
हालांकि शनिवार के झटकों से कोई बड़ी क्षति नहीं हुई, लेकिन विशेषज्ञों ने आफ्टरशॉक्स (भूकंप के बाद आने वाले छोटे झटके) की संभावना जताई है और नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है।
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