Samachar Post डेस्क, रांची :पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के चलते राज्य में बांग्लादेशी घुसपैठियों के पलायन की रफ्तार तेज़ हो गई है। घुसपैठियों को डर है कि उनके पास वैध कागजात नहीं होने की वजह से नाम मतदाता सूची से कट जाएगा, जिससे उन्हें हिरासत शिविरों में भेजा जा सकता है या राज्य छोड़ना पड़ सकता है।
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हावड़ा का बंगालपाड़ा खाली पड़ा
SIR की खबर के बाद हावड़ा जिले के केशवपुर इलाके, जिसे स्थानीय लोग ‘बंगालपाड़ा’ के नाम से जानते हैं, में पलायन साफ दिखाई दे रहा है। अधिकांश घरों में ताले लटके हुए हैं। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, लगभग 80% निवासी बांग्लादेशी घुसपैठी हैं जिनके पास वैध कागजात नहीं हैं। यह इलाका करीब 15 साल पहले तृणमूल कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद बसना शुरू हुआ था।
अंतरराष्ट्रीय सीमा पर भी असर
उत्तर 24 परगना जिले में भी पलायन दिखाई दे रहा है। बड़े समूहों में लोग बांग्लादेश लौटने के लिए इकट्ठा हो रहे हैं। सैकड़ों की संख्या में होने के कारण अंतरराष्ट्रीय सीमा इलाके में घुसपैठियों से भरी हुई दिखाई दे रही है। संदेशखाली में मतदाता सूची पुनरीक्षण में बाधा डालने का मामला भी सामने आया है। नैजाट थाना इलाके में तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता जमीरुल इस्लाम मोल्ला को BLO के काम में हस्तक्षेप और मनमाने तरीके से गणना फॉर्म भरने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने यह कार्रवाई संदेशखाली एक नंबर ब्लॉक के BDO की शिकायत के बाद की।
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