Samachar Post डेस्क, पटना: शिक्षा विभाग ने सिवान के तत्कालीन जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) मिथिलेश कुमार को आय से अधिक संपत्ति (DA) मामले में पूरी तरह क्लीनचिट दे दी है। विभागीय जांच में उनके खिलाफ लगाए गए सभी आरोप अप्रमाणित पाए गए।
क्या है पूरा मामला?
निगरानी ब्यूरो ने 6 दिसंबर 2023 को मिथिलेश कुमार पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला दर्ज किया था। इसके बाद पटना और सिवान में कई स्थानों पर छापेमारी हुई थी। छापेमारी के बाद शिक्षा विभाग ने 12 दिसंबर 2023 को उन्हें निलंबित कर दिया था।
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विभागीय जांच में क्या निकला?
जांच के लिए संयुक्त सचिव सुनील कुमार को संचालन पदाधिकारी बनाया गया था। जांच में सभी तीन आरोप अप्रमाणित पाए गए। विभाग ने दोबारा रिपोर्ट मांगी, लेकिन निष्कर्ष वही रहा। इसके आधार पर शिक्षा विभाग ने मिथिलेश कुमार को आरोप मुक्त कर दिया। मिथिलेश कुमार 31 जुलाई 2024 को सेवानिवृत्त हो चुके थे, इसलिए आगे की विभागीय कार्रवाई पेंशन नियमावली के तहत चलाई गई। अंततः 19 नवंबर 2025 को निदेशक (प्रशासन) ने विभागीय कार्रवाई समाप्त करने का आदेश जारी किया।
निगरानी ब्यूरो की कार्रवाई पर सवाल
अब तक निगरानी ब्यूरो की ओर से इस मामले में चार्जशीट दाखिल नहीं की गई है। इस देरी ने निगरानी विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल न्यायिक प्रक्रिया अभी विचाराधीन है।
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