Samachar Post डेस्क,बिहार :बिहार में सत्ताधारी एनडीए सरकार लगातार RJD पर परिवारवाद का आरोप लगाती रही है। लेकिन उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश को बिना विधायक बने मंत्री बनाए जाने के बाद आरजेडी ने अब एनडीए पर ही परिवारवाद का आरोप लगाते हुए 10 नेताओं की सूची जारी की है।
आरजेडी का व्यंग्य और आरोप
आरजेडी ने व्यंग्य के लहजे में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आशीर्वाद से बिहार की राजनीति में परिवारवाद खत्म कर नया बिहार बनाया जाएगा। सूची में शामिल हैं जीतन राम मांझी, शकुनी चौधरी, उपेंद्र कुशवाहा, दिग्विजय सिंह, कैप्टन जय नारायण निषाद सहित कई वरिष्ठ नेता है।
बिना विधायक बने मंत्री बने दीपक प्रकाश
20 नवंबर को बिहार में नई सरकार का गठन हुआ, जिसमें नीतीश कुमार ने 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। उनके साथ 26 मंत्रियों ने भी शपथ ग्रहण की। सबसे चर्चा में रहा नाम दीपक प्रकाश का, जो न तो विधायक हैं और न ही विधान परिषद के सदस्य। संविधान के अनुसार उन्हें 6 महीने के भीतर किसी सदन का सदस्य बनना होगा। विपक्ष का आरोप है कि यह निर्णय परिवारवाद और राजनीतिक दबाव का परिणाम है।
परिवार के नाम पर मंत्री बनाए गए अन्य नेता
नीतीश कैबिनेट में शामिल कई मंत्रियों का संबंध पूर्व मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री या वरिष्ठ नेताओं के परिवारों से है। दीपक प्रकाश उपेंद्र कुशवाहा (पूर्व केंद्रीय मंत्री) और विधायक स्नेहलता कुशवाहा के पुत्र हैं। श्रेयसी सिंह पूर्व केंद्रीय मंत्री दिग्विजय सिंह और पूर्व सांसद पुतुल कुमारी की बेटी हैं। रमा निषाद पूर्व केंद्रीय मंत्री कैप्टन जय नारायण निषाद की पुत्रवधु और पूर्व सांसद अजय निषाद की पत्नी हैं। विजय चौधरी पूर्व विधायक जगदीश प्रसाद चौधरी के पुत्र हैं। अशोक चौधरी पूर्व मंत्री महावीर चौधरी के पुत्र और समस्तीपुर की सांसद शांभवी चौधरी के पिता हैं। नितिन नबीन पूर्व विधायक नवीन किशोर सिन्हा के पुत्र हैं। सुनील कुमार पूर्व मंत्री चन्द्रिका राम के बेटे और पूर्व विधायक अनिल कुमार के भाई हैं।लेसी सिंह समता पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष स्व. भूटन सिंह की पत्नी हैं।
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