- कुआलालंपुर में एडीएमएम-प्लस बैठक में भारत की मौजूदगी
Samachar Post डेस्क, रांची :रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शनिवार को मलेशिया के दौरे पर पहुंचे हैं, जहां वे 12वीं आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक एडीएमएम प्लस में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। इस साल की बैठक का विषय है एडीएमएम-प्लस के 15 साल और आगे की राह। राजनाथ सिंह इस सत्र में संबोधन देंगे और क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने पर भारत का दृष्टिकोण साझा करेंगे।
आसियान और सहयोगी देशों के बीच रक्षा सहयोग पर चर्चा
एडीएमएम-प्लस मंच आसियान देशों और उनके 8 साझेदार देशों भारत, अमेरिका, चीन, रूस, जापान, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के बीच रक्षा सहयोग का सबसे बड़ा प्लेटफॉर्म है। भारत 1992 से आसियान का साझेदार देश है और पहली एडीएमएम-प्लस बैठक 2010 में वियतनाम में हुई थी। अब यह बैठक हर साल आयोजित की जाती है। वर्तमान में भारत और मलेशिया 2024–2027 के लिए आतंकवाद विरोधी कार्यसमूह के सह-अध्यक्ष हैं।
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अमेरिका के साथ हुआ 10 साल का रक्षा सहयोग समझौता
मलेशिया रवाना होने से पहले शुक्रवार को राजनाथ सिंह ने अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ से मुलाकात की। इस दौरान दोनों देशों के बीच 10 साल का रक्षा सहयोग समझौता पर हस्ताक्षर हुए। यह समझौता सैन्य तकनीक, रक्षा अनुसंधान और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा को मजबूत करने का रोडमैप माना जा रहा है। राजनाथ सिंह ने कहा,हम पहले तीन बार फोन पर बात कर चुके हैं। आज व्यक्तिगत मुलाकात और समझौते के साथ भारत-अमेरिका संबंधों में नया अध्याय शुरू हुआ है।वहीं अमेरिकी रक्षा सचिव हेगसेथ ने कहा, भारत के साथ हमारी साझेदारी दुनिया की सबसे अहम है। यह समझौता हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता और सुरक्षा के लिए हमारी साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
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