Samachar Post रिपोर्टर, रांची : महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) में सामग्री आपूर्ति करने वाले वेंडर्स के लिए अब बिल जमा करने की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन हो गई है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी वेंडर्स को अपना बिल एम-बिल (M-Bill) पोर्टल पर ही सबमिट करना अनिवार्य होगा। इसी आधार पर आगे भुगतान प्रक्रिया संपन्न होगी। मनरेगा निदेशालय के अनुसार, एम-बिल प्रणाली लागू होने से बिल की जांच, स्वीकृति और भुगतान प्रक्रिया तेज़ और पारदर्शी बनेगी। वेंडर्स को अब मैनुअल बिल जमा नहीं करना होगा। पोर्टल पर अपलोड किए गए बिलों का सत्यापन संबंधित प्रखंड और जिला स्तर के अधिकारी करेंगे।
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अधिकारियों का कहना है कि इस नई व्यवस्था से सामग्री आपूर्ति में पारदर्शिता बढ़ेगी, अनियमितताओं की संभावना कम होगी और भुगतान में होने वाली देरी भी काफी हद तक दूर होगी। विभाग ने सभी जिलों को निर्देश दिया है कि वेंडर्स को एम-बिल प्रणाली के उपयोग संबंधी जानकारी दें और पोर्टल के उपयोग में आवश्यक सहायता प्रदान करें।
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