Samachar Post रिपोर्टर, रांची : घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं और प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के लाभार्थियों के लिए अब बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण (ई-केवाईसी) अनिवार्य कर दिया गया है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि 14.2 किलोग्राम एलपीजी सिलिंडर की आठवीं और नौवीं रिफिल पर मिलने वाली 300 रुपए प्रति सिलिंडर सब्सिडी केवल उन्हीं उपभोक्ताओं को दी जाएगी, जिन्होंने 31 मार्च 2026 तक ई-केवाईसी पूरी कर ली होगी। सरकार ने बताया कि उपभोक्ता यह प्रक्रिया या तो मोबाइल ऐप के जरिए स्वयं पूरी कर सकते हैं या नजदीकी गैस एजेंसी या वितरण केंद्र में जाकर बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण करवा सकते हैं। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि ई-केवाईसी नहीं कराने पर गैस की आपूर्ति बंद नहीं होगी, लेकिन डीबीटी सब्सिडी अस्थायी रूप से रोक दी जाएगी। सब्सिडी पुनः तभी जारी होगी जब उपभोक्ता ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करेंगे।
सब्सिडी से जुड़ी शर्तें
सरकार के निर्देशों के अनुसार, डीबीटी सब्सिडी एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम 9 रिफिल पर लागू होती है। जिन उपभोक्ताओं ने ई-केवाईसी पूरी नहीं की है, उनकी आठवीं और नौवीं रिफिल की सब्सिडी रोक दी जाएगी जब तक प्रमाणीकरण पूरा नहीं हो जाता।
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उज्ज्वला लाभार्थियों को राहत
मंत्रालय ने बताया कि जिन उज्ज्वला योजना लाभार्थियों ने वित्तीय वर्ष में एक बार ई-केवाईसी करवा ली है, उन्हें उसी वर्ष दोबारा यह प्रक्रिया नहीं करनी होगी।रांची एलपीजी गैस डिस्ट्रीब्यूशन एसोसिएशन के अध्यक्ष जयंत चौहान और राजेंद्र जिबासिया ने बताया कि शहर में करीब 8.5 लाख एलपीजी लाभार्थी हैं, जिनमें से लगभग 40 प्रतिशत उपभोक्ताओं ने अभी तक ई-केवाईसी नहीं करवाई है। उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे जल्द से जल्द यह प्रक्रिया पूरी करें ताकि सब्सिडी का लाभ न छूटे।
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