Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड में बालूघाटों का संचालन लंबे समय से बंद था, लेकिन अब राज्य सरकार ने इसे बहाल करने की तैयारी पूरी कर ली है। खान एवं भूतत्व विभाग ने नए निर्देश जारी करते हुए बालू की सरकारी दर 100 रुपये प्रति 100 CFT निर्धारित कर दी है। साथ ही सभी जिलों के उपायुक्तों (DC) को स्पष्ट आदेश दिया गया है कि संचालन Jharkhand Sand Mining Rules, 2025 के तहत ही किया जाए।
बालूघाट संचालन कब और क्यों रुका था?
पिछले कई महीनों से अधिकांश बालूघाट इन कारणों से बंद थे, नीलामी प्रक्रिया में देरी, नए नियम लागू होने की प्रतीक्षा, प्रशासनिक मंजूरी में अड़चन अधिकृत दर और मानक रसीद व्यवस्था का अभाव सितंबर–अक्टूबर में कई जिलों ने रिपोर्ट भेजकर कहा था कि बिना अधिकृत दर और उचित प्रावधान के घाट शुरू करना संभव नहीं है। सुरक्षा, माप-तौल और पारदर्शिता के नए मानकों के कारण बालू उठाव लगभग पूरी तरह बंद रहा।
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अब नए नियमों के साथ संचालन होगा बहाल
विभाग द्वारा जारी दिशानिर्देशों में कहा गया है, अब सभी रसीद/चालान 100 CFT यूनिट पर ही जारी होंगे। तय दर ₹100 से अधिक वसूली होने पर सख्त कार्रवाई होगी। जिला प्रशासन को निगरानी टीमें गठित करने का निर्देश। अवैध ढुलाई पर तुरंत जब्ती और जुर्माने का प्रावधान। बंद पड़े सभी घाटों को नियमों के अनुसार चरणबद्ध तरीके से खोलने का आदेश।
क्या होगा इसका असर?
सरकार का कहना है कि नए नियम और तय दर से, आम जनता को सस्ती दर पर बालू मिल सकेगा, अवैध वसूली और भ्रष्टाचार पर नियंत्रण होगा और राजस्व संग्रह में भी सुधार होगा। इस कदम से बालू की किल्लत झेल रहे निर्माण कार्यों को भी राहत मिलने की उम्मीद है।
Reporter | Samachar Post
मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।