Samachar Post रिपोर्टर, रांची :प्रवर्तन निदेशालय (ED) के समन अवहेलना मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने अपने पिछले अंतरिम आदेश को निरस्त करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को एमपी-एमएलए कोर्ट में सशरीर उपस्थित होने से मिली छूट वापस ले ली है। इसके बाद अब सोरेन को ट्रायल के दौरान कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से पेश होना होगा।
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हेमंत सोरेन की याचिका पर सुनवाई
4 दिसंबर 2024 को हाईकोर्ट ने हेमंत सोरेन की याचिका पर सुनवाई करते हुए एमपी-एमएलए कोर्ट में सशरीर उपस्थिति से राहत दी थी। लेकिन मंगलवार को अदालत ने इस अंतरिम राहत को रद्द कर दिया। इससे पहले लोअर कोर्ट ने भी सोरेन को व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट देने से इंकार किया था, जिसके खिलाफ उन्होंने हाईकोर्ट में अपील की थी।
ED समन अवहेलना से जुड़ा पूरा मामला
ED ने फरवरी 2024 में एमपी-एमएलए कोर्ट में शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप था कि लैंड स्कैम और अन्य मामलों में पूछताछ के लिए 14 अगस्त 2023 से लगातार 10 समन जारी किए गए। इसके बावजूद हेमंत सोरेन उपस्थित नहीं हुए। 10वें समन पर उन्होंने पूछताछ के लिए सहमति दी। ED टीम ने सीएम हाउस में दो दिनों तक पूछताछ की और 31 जनवरी 2024 को ED ने उन्हें वहीं से गिरफ्तार किया गिरफ्तारी के बाद उन्होंने राजभवन जाकर मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया और 2 फरवरी 2024 को झामुमो विधायक चंपाई सोरेन राज्य के नए मुख्यमंत्री बने।
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