Samachar Post रिपोर्टर,हजारीबाग :हजारीबाग सेंट्रल जेल के सजायाफ्ता कैदियों ने बड़ी शिकायत उठाई है। उनका आरोप है कि उन्हें मिलने वाली मजदूरी का लगभग 50% हिस्सा जेलकर्मियों द्वारा वसूला जाता है। इस मामले की जांच के लिए उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है, जिसकी अध्यक्षता AIG तुषार रंजन कर रहे हैं। समिति में बंदी कल्याण पदाधिकारी और एक प्रोबेशन ऑफिसर भी शामिल हैं।जेल में करीब 900 सजायाफ्ता कैदी हैं, जिनमें से 150 से अधिक ने इस गड़बड़ी की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि जेलकर्मी शंभु साव द्वारा मजदूरी की हिस्सेदारी वसूली जाती थी। हालांकि, समिति की जांच के दौरान शंभु साव का तबादला कर दिया गया और अब वह जेल में नहीं हैं।
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मजदूरी और नियम
सजायाफ्ता कैदियों को 2015 में लागू नियमों के तहत अकुशल, कुशल और अतिकुशल श्रेणी के अनुसार दैनिक मजदूरी दी जाती है। अकुशल 91 रुपये/दिन, कुशल 113 रुपये/दिन, अतिकुशल 144 रुपये/दिन। कैदियों को मिलने वाली मजदूरी का 1/3 हिस्सा पीड़ित पक्ष के लिए आरक्षित होता है। शेष 2/3 हिस्सा कैदी को मिलता है। बावजूद इसके, आरोप है कि जेलकर्मी इस राशि का आधा हिस्सा अपने पास रख लेते हैं।
भुगतान की प्रक्रिया
कैदियों की मजदूरी उनके बैंक खाते में जमा की जाती है। पैसे निकालने के लिए उन्हें Withdrawal Slip भरनी पड़ती है, जिसे जेल के कर्मचारी सत्यापित करके बैंक से निकालते हैं। शिकायत में बताया गया कि यदि कैदी ने 1000 रुपये का भुगतान मांगा, तो उन्हें केवल 500 रुपये मिलते थे।
समिति की जांच जारी
उच्चस्तरीय समिति ने पहले ही जेल का दौरा किया है और मामले की विस्तार से जांच कर रही है। प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर अन्य जेलों में भी इसी तरह की गड़बड़ी होने की संभावना पर ध्यान दिया जा रहा है।
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