Samachar Post रिपोर्टर, गुमला: गुमला जिले के भरनो प्रखंड स्थित राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय कुम्हरों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें स्कूल यूनिफॉर्म पहने बच्चे मिड-डे मील (MDM) का सामान ढोते हुए दिखाई दे रहे हैं। यह घटना एनएच-43 के खरवागढ़ा इलाके की बताई जा रही है।
क्या दिख रहा है वायरल वीडियो में?
वीडियो करीब 11:30 बजे का बताया गया है। बच्चों के हाथों में चना, आलू, दाल और तेल के पैकेट साफ दिख रहे हैं। कई बच्चे पैदल दो किलोमीटर दूर दुकान से सामान लाते दिख रहे हैं। कुछ बच्चे बाइक पर बैठकर सामान ढोते भी नजर आए। बच्चों ने बताया कि दुकान स्कूल से लगभग दो किलोमीटर दूर है।
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स्थानीय लोगों के आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि यह पहली बार नहीं हुआ है। इससे पहले भी हेडमास्टर अरविंद तिवारी पर बच्चों से स्कूल का सामान मंगवाने के आरोप लग चुके हैं। लोगों का कहना है कि यह बच्चों की पढ़ाई पर असर डालता है और पूरी तरह नियमविरुद्ध है। हेडमास्टर अरविंद तिवारी ने कहा कि वीडियो में दिख रहे बच्चे उनके स्कूल के नहीं हैं। लेकिन वायरल वीडियो और तस्वीरों में बच्चे स्पष्ट रूप से उसी स्कूल की यूनिफॉर्म में नजर आ रहे हैं, जिससे उनके बयान पर सवाल उठ रहे हैं।
नियम क्या कहते हैं?
शिक्षा विभाग के दिशा-निर्देशों के मुताबिक. स्कूल ड्रेस में बच्चों से किसी भी प्रकार का सामान ढुलवाना पूरी तरह प्रतिबंधित है। यह बच्चों के अधिकारों का उल्लंघन है और मिड-डे मील संचालन नियमों के भी खिलाफ है। अभिभावक और स्थानीय लोगों ने मांग की है कि शिक्षा विभाग मामले की जांच करे, और दोषी शिक्षकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
Reporter | Samachar Post
मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।