Samachar Post रिपोर्टर, रांची :झारखंड के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य के डीजीपी अनुराग गुप्ता के इस्तीफे और नए कार्यकारी डीजीपी की नियुक्ति पर प्रतिक्रिया दी। मरांडी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने देर से ही सही, आखिरकार उनकी पार्टी के सुझावों पर अमल किया। मरांडी ने तीखा कटाक्ष करते हुए कहा कि अनुराग गुप्ता की नियुक्ति “असंवैधानिक और अवैध” थी और वे उसे लेकर बार-बार आगाह कर चुके थे। उनका कहना था कि अगर समय पर कार्रवाई नहीं होती तो राज्य को और गंभीर दिक्कतें झेलनी पड़ सकती थीं। बाबूलाल मरांडी ने कहा भगवान का शुक्र है कि इन्हें बाहर का रास्ता दिखाया गया, वरना आगे आपको और झारखंड के लोगों को क्या-क्या देखना पड़ता?
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विपक्ष का आरोप – पहले भी किया था आगाह
मरांडी ने दोहराया कि विपक्ष ने पहले भी सरकार की कई नियुक्तियों और “मनमानी” पर सवाल उठाए थे और अनुराग गुप्ता के मामले में शीघ्र कार्रवाई की मांग की थी। उन्होंने कहा कि अब सरकार मजबूरन इस्तीफा मँगाकर कार्रवाई कर रही है।
कटाक्ष के साथ सलाह भी
मरांडी ने शेखी मारते हुए मुख्यमंत्री को एक और “मुफ्त सलाह” भी दे दी। उनके शब्दों में, सरकार की परंपरा रही है “जितना बड़ा दुराचारी, उतना बड़ा पदाधिकारी” और उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि अनुराग गुप्ता को किसी और “सम्मानित” पद से नवाज़ देना चाहिए, ताकि दोनों पक्षों के हित सुरक्षित रहें। मरांडी ने यह भी इशारों में चेतावनी दी कि कहीं ऐसा न हो कि भविष्य में वही व्यक्ति सरकार के लिए परेशानी पैदा कर दे।
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