Samachar Post डेस्क, रांची : केंद्र सरकार ने फंड मैनेजमेंट सिस्टम में बड़े बदलाव की घोषणा करते हुए कहा है कि अब केंद्र प्रायोजित योजनाओं (CSS) के तहत जारी राशि सीधे भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) में रखी जाएगी और सभी भुगतान e-Kuber प्लेटफॉर्म के जरिए होंगे। यह नई प्रणाली फंड-फ्लो को अधिक पारदर्शी, केंद्रीकृत और पूरी तरह नियंत्रित बनाएगी। विशेषज्ञों का कहना है कि इस मॉडल से राज्यों के बैंकों में जमा हो रही बड़ी राशि का फ्लो रुक जाएगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों की बैंक शाखाओं की तरलता, जमा राशि और लोन वितरण क्षमता पर असर पड़ सकता है। कई केंद्रीय योजनाओं का पैसा अब राज्य के बैंकों में जमा नहीं होगा, जिससे उनकी डिपॉजिट में भारी कमी आने का अनुमान है।
क्या है नया मॉडल? SNA-SPARSH सिस्टम की अनिवार्यता
भारत सरकार, वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग ने आदेश जारी कर कहा है कि 1 नवंबर 2025 से सभी केंद्रीय प्रायोजित योजनाओं का संचालन SPARSH (System for Payments and Reporting Across Sectors Holistically) के तहत किया जाएगा।
नई व्यवस्था के मुख्य बिंदु:
- प्रत्येक CSS योजना के लिए RBI में SLS withdrawal account खोला जाएगा
- सभी भुगतान RBI e-Kuber से ही होंगे
- केंद्रांश किसी अन्य माध्यम से जारी नहीं होगा
- राज्य सरकार बिल जारी करेगी, भुगतान RBI के जरिए होगा
- लाभुकों के खाते में रियल-टाइम ट्रांसफर
- केंद्रांश और राज्यांश दोनों राशि RBI अकाउंट के माध्यम से ही
राष्ट्रीय स्तर पर सबसे बड़ा बदलाव, पैसा अब बैंकों में नहीं, सीधे RBI में
इस व्यवस्था से जो बड़े बदलाव होंगे, राज्य के बैंकों में अब योजनाओं का पैसा जमा नहीं होगा, मनरेगा, पीएम आवास (ग्रामीण/शहरी), पोषण अभियान, NRLМ, ग्रामीण विकास आदि योजनाओं पर सीधा प्रभाव बैंकों की Deposits में गिरावट ग्रामीण शाखाओं में Liquidity Crisis की आशंका और लोन देने की क्षमता पर सीधे असर, केंद्र का तर्क है कि इससे फंड का उपयोग 24×7 निगरानी योग्य होगा और अनियमितताओं पर रोक लग सकेगी।
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रांची में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक – वित्त सचिव ने दिए कड़े निर्देश
झारखंड में SPARSH सिस्टम की प्रगति की समीक्षा के लिए वित्त सचिव प्रशांत कुमार की अध्यक्षता में बैठक हुई। वित्त सचिव ने विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए, सभी CSS और SLS योजनाओं को तुरंत SPARSH पर ऑन-बोर्ड करें भुगतान केवल RBI e-Kuber से ही किए जाएँ SNA खातों में पड़ी अप्रयुक्त केंद्रीय राशि तुरंत वापस करें DBT आधारित भुगतान को बढ़ाएँ, प्रगति रिपोर्ट समय पर भेजना अनिवार्य वित्त सचिव ने चेतावनी दी कि देरी, अनियमितता या प्रक्रिया में छेड़छाड़ बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
टाइमलाइन तय: 2025 के अंत तक झारखंड की सभी योजनाएँ SPARSH पर
बैठक में निर्णय लिया गया कि, वर्ष 2025 के अंत तक 100% CSS व SLS योजनाएँ SPARSH पर शिफ्ट होंगी फंड के आवागमन और उपयोग की 24×7 रीयल-टाइम मॉनिटरिंग होगी सिस्टम को पूर्ण रूप से पारदर्शी, समयबद्ध और जवाबदेह बनाया जाएगा।
बैंकों को होगा नुकसान, ‘कमीशन सिस्टम’ पर भी लगेगी रोक
नई व्यवस्था से बैंकों की जमा कम होगी, खासकर ग्रामीण शाखाओं में बड़ा प्रभाव दिखेगा। साथ ही विभिन्न विभागों में राशि जमा कराने को लेकर बैंक प्रतिनिधियों द्वारा दिए जाने वाले प्रलोभन और कमीशनखोरी पर भी रोक लगेगी।
Reporter | Samachar Post
मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।