Samachar Post डेस्क, रांची: पूर्व विधायक अंबा प्रसाद को 48 लाख रुपये के कथित गबन मामले में पुलिस द्वारा दी गई क्लीन चिट को अदालत में चुनौती दी गई है। यह मामला प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा अंबा परिवार के खिलाफ दर्ज ECIR का हिस्सा भी है। अदालत ने शिकायतकर्ता द्वारा दायर Protest Petition को स्वीकार कर लिया है और इस पर आगे सुनवाई होगी। यह मामला कर्णपूरा महाविद्यालय में हुए 48 लाख रुपये के कथित गबन से जुड़ा है। पहले पुलिस ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज करने से इनकार कर दिया था। जिसके बाद शिकायतकर्ता की ओर से अदालत में शिकायतवाद याचिका दाखिल की गई।अदालत के आदेश के बाद बड़कागांव थाना में केस संख्या 113/21 के तहत तत्कालीन विधायक अंबा प्रसाद सहित अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई।
पुलिस ने दी थी क्लीन चिट
जांच के बाद पुलिस ने अंबा प्रसाद सहित संबंधित अन्य लोगों को निर्दोष बताते हुए अपनी रिपोर्ट अदालत में दाखिल कर दी।
इसी जांच रिपोर्ट के खिलाफ शिकायतकर्ता ने Protest Petition दायर किया, जिसमें पुलिस की जांच पर सवाल उठाए गए क्लीन चिट देने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई प्रारंभिक सुनवाई के बाद न्यायालय ने Protest Petition को स्वीकार कर लिया है।
यह भी पढ़ें: दरभंगा में फर्जी पुलिसकर्मी गिरफ्तार, 3 महीनों से वर्दी पहनकर कर रहा था अवैध वसूली
ED की जांच पर भी असर
गौरतलब है कि प्रवर्तन निदेशालय ने अंबा परिवार के खिलाफ दर्ज ECIR में हजारीबाग जिले में दर्ज कुल 16 प्राथमिकी शामिल की हैं। बड़कागांव थाना में दर्ज केस संख्या 113/21 भी ED की जांच में शामिल है।
IPC की गंभीर धाराओं में दर्ज मामला
अदालत के आदेश पर अंबा प्रसाद और अन्य अभियुक्तों के खिलाफ IPC की निम्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया था, 420 धोखाधड़ी, 418 अमानत में खयानत, 419 (प्रतिरूपण), 422अवैध रूप से संपत्ति छुपाना , 467 फर्जी दस्तावेज तैयार करना, 471 फर्जी दस्तावेज का प्रयोग, 120B आपराधिक साजिश पुलिस द्वारा क्लीन चिट देने के कारण ED की जांच पर प्रतिकूल प्रभाव की आशंका जताई जा रही है।
Reporter | Samachar Post
मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।