Samachar Post डेस्क, रांची : कर्मचारी चयन आयोग (SSC) ने पहली बार ऐसा कदम उठाया है जिससे उम्मीदवार अपनी सुविधा के अनुसार परीक्षा का समय और केंद्र चुन सकेंगे। इस पहल का मकसद परीक्षा को पारदर्शी बनाना और छात्रों की सहूलियत बढ़ाना है। आयोग ने चेताया कि 28 अक्टूबर के बाद जो उम्मीदवार स्लॉट नहीं चुनेंगे, उन्हें परीक्षा में गैरहाजिर माना जाएगा। विशेषज्ञों का कहना है कि इस नए बदलाव से छात्रों को फायदा होगा, लेकिन शुरुआती शिफ्ट में उम्मीदवारों की संख्या कम हो सकती है। कारण यह है कि पहले शिफ्ट के पेपर की कठिनाई का अंदाजा नहीं होता, इसलिए कई छात्र बाद की शिफ्ट चुनना पसंद करेंगे।
SSC CHSL 2025 परीक्षा के पद और पात्रता
इस परीक्षा के जरिए केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में लोअर डिवीजन क्लर्क, जूनियर सेक्रेटेरियल असिस्टेंट और डेटा एंट्री ऑपरेटर के कुल 3131 पद भरे जाएंगे। इसके लिए 12वीं पास उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं।
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उम्मीदवारों की उपस्थिति और डेटा
आंकड़ों के अनुसार, करीब 30 लाख उम्मीदवार SSC CHSL परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन करते हैं, लेकिन परीक्षा में केवल 12-13 लाख ही शामिल होते हैं। नई व्यवस्था आयोग को यह समझने में मदद करेगी कि कितने उम्मीदवार परीक्षा को संजीदगी से ले रहे हैं। पिछले कुछ सालों के आंकड़े बताते हैं कि उपस्थिति में कमी रहती है, लेकिन इस नई सुविधा से उम्मीद है कि परीक्षा में अधिक छात्रों की उपस्थिति होगी और प्रक्रिया सुव्यवस्थित रहेगी।
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