Samachar Post रिपोर्टर, रांची : रांची के सदर अस्पताल में बुधवार से शिशु रोग विभाग के पहले तल्ले को पूरी तरह व्यवस्थित और आधुनिक रूप दे दिया गया है। अब ओपीडी, आइपीडी और एसएनसीयू (Special Newborn Care Unit) की सभी सुविधाएं एक ही मंजिल पर उपलब्ध होंगी। इस बदलाव से छोटे बच्चों और उनके अभिभावकों की परेशानियां काफी हद तक कम हो गई हैं। नए तल्ले में ओपीडी के लिए दो डॉक्टरों की तैनाती की गई है, जिससे मरीजों की लंबी कतारों में कमी आएगी और इलाज तेज़ी से संभव होगा। ओपीडी कक्ष को बच्चों की सहजता और मानसिक आराम को ध्यान में रखते हुए रंग-बिरंगे कार्टून, वर्णमाला और आकर्षक चित्रों से सजाया गया है। इससे छोटे मरीज भयमुक्त होकर इलाज करवा सकेंगे।
गंभीर मरीजों और माताओं के लिए विशेष व्यवस्था
गंभीर स्थिति वाले बच्चों के लिए अलग निरीक्षण कक्ष (Observation Room) बनाया गया है। वहीं, स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए विशेष स्तनपान कक्ष (Lactation Room) की भी सुविधा दी गई है।
अस्पताल प्रशासन की पहल
सदर अस्पताल प्रशासन ने कहा कि यह “चाइल्ड फ्रेंडली इनिशिएटिव” इलाज को न केवल सुविधाजनक बल्कि सुरक्षित और सुव्यवस्थित भी बनाएगा। अब माता-पिता को बच्चों के इलाज के लिए विभिन्न विभागों में भटकने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी।
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विशेषज्ञों ने सराहा प्रयास
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इस पहल से बच्चों के स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार आएगा। अब रांची और आसपास के क्षेत्रों से आने वाले परिवारों को बेहतर, व्यवस्थित और समयबद्ध चिकित्सा सेवाएं मिलेंगी।
बच्चों की स्वास्थ्य सेवाओं में नई मिसाल
इस सुधार के साथ सदर अस्पताल ने बच्चों के इलाज और स्वास्थ्य देखभाल में नई मिसाल कायम की है। यह पहल राज्य के अन्य सरकारी अस्पतालों के लिए भी एक प्रेरणा बन सकती है।
Reporter | Samachar Post
मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।