Samachar Post डेस्क, रांची : हिंदू धर्म में कार्तिक मास को अत्यंत शुभ और पवित्र माना जाता है। इस वर्ष यह मास 8 अक्टूबर से 5 नवंबर तक रहेगा। यह चातुर्मास का आखिरी महीना है, और इस दौरान विशेष धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं। कार्तिक मास में तुलसी पूजन, भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की आराधना, स्नान-दान और दीपदान का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस महीने दीपदान करने से अक्षय पुण्य प्राप्त होता है।
तुलसी पूजन का महत्व
पुराणों के अनुसार, तुलसी माता को भगवान विष्णु के शालिग्राम स्वरूप की पत्नी माना जाता है। कथा है कि भगवान विष्णु ने छल से देवी वृंदा से विवाह किया था, जो बाद में तुलसी कहलाईं। इस कारण कार्तिक मास में तुलसी विवाह का आयोजन भी किया जाता है। तुलसी लगाना और उसकी पूजा करना इस महीने में विशेष पुण्यदायक माना जाता है।
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तुलसी पूजन के खास उपाय
जल अर्पण और मंत्र जाप, सूर्योदय से पहले स्नान करके तुलसी को जल अर्पित करें। तुलसी के चारों ओर परिक्रमा करें और ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः’ मंत्र का जाप करें। इससे सुख, शांति और समृद्धि की प्राप्ति होती है।
दीपक जलाना, सुबह और शाम तुलसी के सामने घी या तेल का दीपक जलाएं। मान्यता है कि इससे माता लक्ष्मी स्थायी रूप से घर में वास करती हैं। तुलसी की माला धारण करना, तुलसी की माला पहनने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और मन को शांति मिलती है।
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