Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने इस बार बिहार विधानसभा चुनाव में हिस्सा नहीं लेने का निर्णय लिया है। यह फैसला 18 अक्टूबर को अकेले छह सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा करने के दो दिन बाद लिया गया। सूत्रों के अनुसार, JMM ने यह कदम मुख्य रूप से राजद और कांग्रेस पर सीट बंटवारे में विश्वासघात और राजनीतिक साजिश करने का आरोप लगाते हुए उठाया है। पार्टी ने बिहार के सीमावर्ती जिलों में अपनी दावेदारी के तहत 6 से 12 उम्मीदवारों के लिए सीटों की मांग की थी।
राजद ने झामुमो की मांगें ठुकराईं
हालांकि, राजद ने झामुमो की मांगों को मानने से इंकार कर दिया और राजनीतिक दबाव के जरिए पार्टी को चुनाव में बेहतर प्रतिनिधित्व से वंचित किया। इस कारण JMM ने महागठबंधन से दूरी बनाते हुए केंद्रित रणनीति के तहत 6 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने का निर्णय लिया।
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राजनीतिक समीकरण पर असर
विश्लेषकों का मानना है कि JMM का यह कदम महागठबंधन और राज्य में गठबंधन के समीकरणों को प्रभावित कर सकता है। इसके साथ ही झामुमो और राजद-कांग्रेस के बीच राजनीतिक तनाव भी बढ़ने की संभावना है।
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