Samachar Post रिपोर्टर, रांची :शारदीय नवरात्रि 2025 का पावन पर्व सोमवार, 22 सितंबर से शुरू हो रहा है। यह नौ दिनों तक चलने वाला पर्व मां दुर्गा की भक्ति, शक्ति और साधना का प्रतीक है। नवरात्रि की शुरुआत घटस्थापना (कलश स्थापना) और मां शैलपुत्री की पूजा से होगी। मां शैलपुत्री पर्वतराज हिमालय की पुत्री हैं और इन्हें सौभाग्य, शक्ति और स्थिरता की देवी माना जाता है। भक्तजन इस दिन विशेष पूजा-अर्चना और उपवास के साथ मां की आराधना करेंगे।
यह भी पढ़ें :झारखंड में भारी बारिश की चेतावनी : रांची समेत 6 जिलों में येलो अलर्ट जारी
घटस्थापना का शुभ मुहूर्त
प्रातःकालीन मुहूर्त : सुबह 06:27 से 08:16 तक और अभिजीत मुहूर्त : दोपहर 12:07 से 12:55 तक यदि प्रातःकालीन समय में कलश स्थापना न हो सके तो अभिजीत मुहूर्त में भी यह विधि की जा सकती है।
पूजा सामग्री
- मिट्टी का चौड़े मुंह वाला कलश
- सप्तधान्य (7 प्रकार के अनाज)
- गंगाजल, कलावा, आम/अशोक के पत्ते
- नारियल, सुपारी, अक्षत (कच्चा चावल)
- लाल कपड़ा, पुष्प, पुष्पमाला, मिठाई, सिंदूर, दूर्वा
पूजा विधि
स्नान कर गंगाजल से पूजा स्थल शुद्ध करें। चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर मां दुर्गा की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें। कलश में जल, सप्तधान्य डालकर ऊपर आम के पत्ते व नारियल रखें। संकल्प लेकर मां को आमंत्रित करें। मां को लाल वस्त्र, श्रृंगार, पुष्प अर्पित करें। दीप-धूप जलाएं, उपले से हवन करें और घी, लौंग, बताशे व कपूर की आहुति दें। नवरात्रि कथा का पाठ कर आरती करें और सात्विक भोग (खीर, बर्फी) चढ़ाएं। इस दिन मां शैलपुत्री को गाय के दूध या घी से बनी खीर, बर्फी और अन्य सात्विक प्रसाद अर्पित किया जाता है।
मां शैलपुत्री के मंत्र
बीज मंत्र : “ॐ देवी शैलपुत्र्यै नमः॥”
स्तोत्र मंत्र : वन्दे वाञ्छितलाभाय चन्द्रार्धकृतशेखराम्।
वृषारूढां शूलधरां शैलपुत्रीं यशस्विनीम्॥
विशेष अवसर
नवरात्रि का यह पर्व मां दुर्गा के आशीर्वाद और कृपा पाने का अवसर है। भक्त नौ दिनों तक उपवास, जप, पाठ और भक्ति के माध्यम से देवी की साधना कर जीवन में सुख-समृद्धि और शक्ति की कामना करते हैं।
Reporter | Samachar Post