Samachar Post रिपोर्टर, रांची :भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) हजारीबाग ने जमीन के अवैध जमाबंदी घोटाले में बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने गुरुवार को मुख्य आरोपी विनय कुमार सिंह को गिरफ्तार कर लिया। वहीं इस केस में पहले से जेल में बंद निलंबित IAS विनय कुमार चौबे को भी आरोपी बनाते हुए उनके खिलाफ FIR दर्ज की गई है।
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क्या है मामला?
ACB की प्रेस रिलीज़ के मुताबिक, यह केस एसीबी हजारीबाग कांड संख्या 11/25 से जुड़ा है। आरोप है कि नेक्सजेन कंपनी के संचालक विनय कुमार सिंह ने 2013 में राजस्व और भूमि सुधार विभाग द्वारा रद्द किए गए पांच भूखंडों की अवैध जमाबंदी को फिर से स्थापित कर दिया। इस धोखाधड़ी में रिकॉर्ड से छेड़छाड़ और सरकारी जमीन पर कब्ज़ा करने की साज़िश शामिल थी।
IAS चौबे की भूमिका
जांच में सामने आया है कि इस पूरे मामले में निलंबित IAS विनय कुमार चौबे की भी मिलीभगत रही। ACB ने कहा कि उनकी मदद से ही जमीन को अवैध तरीके से कब्ज़ा किया गया और जमाबंदी बहाल की गई।
कानूनी कार्रवाई
गिरफ्तार आरोपी विनय कुमार सिंह के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की कई धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। ACB अब इस जमीन घोटाले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
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